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प्रखण्ड संवादाता- मुकेश कुमार मिश्रा/नौहट्टा/ रोहतास:
नौहट्टा प्रखंड में धान की रोपनी का कार्य शुरू हो गया है, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण अधिकांश किसान अब भी खेतों में रोपाई नहीं कर सके हैं। प्रखंड में अब तक करीब 5 प्रतिशत क्षेत्र में ही धान की रोपनी हो पाई है, जबकि 95 प्रतिशत खेत पानी की कमी के कारण खाली पड़े हैं। इससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
स्थानीय किसान बैद्यनाथ दुबे ने बताया कि उनके पास कुल चार बीघा कृषि भूमि है, जिसमें दो बीघे में धान की रोपनी पूरी हो चुकी है, जबकि शेष दो बीघे में अगले दिन रोपाई की जाएगी। किसान बुची दुबे, लालवंदे तिवारी और अजय कुमार दुबे, कहते है कि सामान्य वर्षों में जुलाई के मध्य तक अधिकांश खेतों में रोपनी पूरी हो जाती थी, लेकिन इस बार बारिश की कमी के कारण कृषि कार्य पिछड़ गया है। जिन किसानों के पास निजी सिंचाई की व्यवस्था मे मोटर पंप सेट है, वे किसी तरह रोपाई कर रहे हैं, जबकि अधिकांश किसान अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
राहुल दुबे ने बताया कि यहां के किसान मॉनसुन पर निर्भर है। पर्याप्त वर्षा के अभाव में मोटर पंप भी पानी कम दे रहा है । ऐसे मे धान की रोपनी प्रभावित हो रही है।फिलहाल यहां के किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए मानसून के मेहरबान होने का इंतजार कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि इस वर्ष समय पर मानसून सक्रिय नहीं होने से खेतों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाया है, जिसके कारण धान की रोपाई का कार्य प्रभावित हुआ है।
किसानों का कहना है कि सामान्य वर्षों में जुलाई के मध्य तक अधिकांश खेतों में रोपनी पूरी हो जाती थी, लेकिन इस बार बारिश की कमी के कारण कृषि कार्य पिछड़ गया है। जिन किसानों के पास निजी सिंचाई की व्यवस्था है, वे किसी तरह रोपाई कर रहे हैं, जबकि अधिकांश किसान अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
कृषि पर निर्भर किसानों का मानना है कि यदि आने वाले कुछ दिनों में पर्याप्त वर्षा हो जाती है तो प्रखंड के शेष खेतों में भी तेजी से धान की रोपनी पूरी हो जाएगी और खरीफ फसल को बड़ा नुकसान होने से बचाया जा सकेगा। फिलहाल नौहट्टा क्षेत्र के किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए मानसून के मेहरबान होने का इंतजार कर रहे हैं।

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