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नौहट्टा- डॉक्टरों के इंतजार में लौटे 75 दिव्यांग, अव्यवस्थाओं के बीच संपन्न हुआ जन कल्याण शिविरl


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मुकेश कुमार मिश्रा/नौहट्टा/रोहतास:

नौहट्टा में दूसरे दिन भी उमड़ी भीड़, पेंशनधारियों ने लगाई गुहार, बीडीओ ने दिलाई नशा मुक्ति की शपथ

नौहट्टा, एक संवाददाता। प्रखंड मुख्यालय स्थित बीआरसी भवन परिसर में गुरुवार को आयोजित प्रखंड सहयोग सह जन कल्याण शिविर का दूसरा दिन अव्यवस्थाओं के कारण चर्चा का विषय बना रहा। शिविर में विभिन्न पंचायतों से बड़ी संख्या में ग्रामीण सरकारी योजनाओं का लाभ लेने पहुंचे, लेकिन सबसे अधिक परेशानी दिव्यांगजनों को झेलनी पड़ी। दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने आए 52 लाभुक पूरे दिन डॉक्टरों की टीम का इंतजार करते रहे, लेकिन शिविर समाप्त होने तक कोई चिकित्सक नहीं पहुंचा। इसके कारण सभी दिव्यांगों को बिना प्रमाण पत्र के ही मायूस होकर घर लौटना पड़ा।

शिविर में सुबह से ही दिव्यांगजन अपने परिजनों के साथ पहुंचने लगे थे। कई लोग दूर-दराज के गांवों से यात्रा कर यहां पहुंचे थे। सभी को उम्मीद थी कि शिविर में उनका दिव्यांग प्रमाण पत्र बन जाएगा, जिससे वे सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। लेकिन डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण उनकी उम्मीदें अधूरी रह गईं। पूरे दिन इंतजार के बाद जब कोई चिकित्सकीय टीम नहीं पहुंची तो लाभुकों में नाराजगी भी देखने को मिली।

स्थिति को देखते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) मनोरमा कुमारी ने दिव्यांगजनों से उनका मोबाइल नंबर दर्ज कराने को कहा और भरोसा दिलाया कि डॉक्टरों की टीम उपलब्ध होने पर अलग से तिथि निर्धारित कर उन्हें बुलाया जाएगा तथा दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाया जाएगा। हालांकि लाभुकों का कहना था कि उन्हें एक बार फिर आने में समय और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

शिविर के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे वृद्ध, विधवा एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारी भी पहुंचे, जिनकी पेंशन विभिन्न कारणों से बंद हो गई है। कई बुजुर्गों ने शिकायत की कि जीवित होने के बावजूद उन्हें मृत घोषित कर पेंशन रोक दी गई है। उन्होंने बीडीओ के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं और जल्द से जल्द पेंशन बहाल कराने की मांग की। अधिकारियों ने आवेदन लेकर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

इस दौरान बीडीओ मनोरमा कुमारी ने उपस्थित ग्रामीणों को नशा मुक्त समाज बनाने की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। विकसित बिहार के निर्माण के लिए युवाओं का नशे से दूर रहना आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपने-अपने गांवों में भी नशा मुक्ति अभियान को जन आंदोलन बनाने की अपील की।

कई योजनाओं के लगे स्टॉल, बने 8 आयुष्मान कार्ड

शिविर में विभिन्न विभागों की ओर से कई योजनाओं के स्टॉल लगाए गए थे। इनमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), ग्राम परिवहन योजना तथा दिव्यांग कल्याण योजना से संबंधित स्टॉल प्रमुख रहे। शिविर के दौरान आयुष्मान भारत योजना के तहत 8 नए कार्ड बनाए गए, जबकि विभिन्न योजनाओं से जुड़े आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन भी किया गया।

बीडीओ मनोरमा कुमारी ने बताया कि प्रखंड सहयोग सह जन कल्याण शिविर का उद्देश्य विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर आम लोगों तक पहुंचाना है, ताकि उन्हें अलग-अलग कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि लोग अब सरकारी योजनाओं के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं।

शिविर में डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. सुधीर कुमार, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) ब्रजेश कुमार, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (एमओ) प्रियेश कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। हालांकि दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए चिकित्सकीय टीम के नहीं पहुंचने से शिविर की व्यवस्था पर सवाल भी उठे। ग्रामीणों ने मांग की कि भविष्य में ऐसे शिविरों में सभी संबंधित विभागों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी लाभुक को निराश होकर वापस न लौटना पड़े।

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