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नौहट्टा- राजस्व विभाग और नल-जल योजना पर गरजी बीस सूत्री बैठक, आंगनबाड़ी में ₹3,500 की अवैध वसूली का आरोपl

{हंगामे के बीच संपन्न हुई बैठक, फर्जी जमाबंदी, पेयजल संकट, अस्पताल की बदहाली और आंगनबाड़ी में अनियमितताओं समेत कई मुद्दों पर सदस्यों ने प्रशासन को घेरा।}

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चीफ एडिटर- रवि प्रकाश दुबे/नौहट्टा/रोहतास;

स्थानीय किसान भवन में शुक्रवार को प्रखंड बीस सूत्री समिति की बैठक हंगामे और तीखी बहस के बीच संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता बीस सूत्री अध्यक्ष दीपक चौबे ने की, जबकि उद्घाटन बीस सूत्री अध्यक्ष दीपक चौबे, बीडीओ मनोरमा कुमारी, राजेश्वर प्रसाद एवं श्रीराम सिंह ने संयुक्त रूप से किया। बैठक में राजस्व विभाग, नल-जल योजना, आंगनबाड़ी केंद्रों में कथित अनियमितताओं तथा पेयजल संकट का मुद्दा पूरे समय छाया रहा।

बैठक के दौरान सदस्य राजेश्वर प्रसाद ने आरोप लगाया कि अंचल कार्यालय में 500 से अधिक फर्जी जमाबंदियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि रिश्वत लेने के बावजूद अंचल कार्यालय में लोगों के कार्य समय पर नहीं किए जाते। पडरिया गांव के एक गरीब व्यक्ति को अंचल कार्यालय द्वारा परेशान किए जाने का भी आरोप लगाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायत कराकर किसानों का मोटेशन रोका गया तथा उनसे राशि वसूली गई। साथ ही बेल्दूरिया से अधौरा तक प्रस्तावित पेयजल योजना में नौहट्टा प्रखंड को भी जोड़ने की मांग की।

बैठक में किसान भवन को पक्की सड़क से जोड़ने, शाहपुर से यदुनाथपुर तक मुख्य सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने, बिजली के जर्जर लकड़ी के पोल बदलने तथा नौहट्टा में स्थायी जूनियर इंजीनियर की नियुक्ति की मांग उठाई गई। इसके अलावा पूरे प्रखंड में गहराए पेयजल संकट का स्थायी समाधान कराने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

लल्लू सिंह ने रेफरल अस्पताल में आईसीयू की व्यवस्था, महिला चिकित्सक की नियुक्ति और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की मांग रखी।

श्रीराम सिंह ने राशन कार्ड से कटे गरीब परिवारों के नाम दोबारा जोड़ने, खराब सोलर लाइटों की जांच कराने, भदारा सब्जी बाजार को बाजार समिति परिसर में स्थानांतरित करने, भदारा हाईस्कूल में चापाकल लगाने तथा सरकारी बोरवेल में आरओ का सबमर्सिबल लगाकर राशि निकासी के मामले की जांच कराने की मांग उठाई।

बैठक में सबसे गंभीर आरोप आंगनबाड़ी व्यवस्था को लेकर लगाए गए। गुड्डु सिंह ने आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी सेविकाओं से प्रति केंद्र ₹3,500 की अवैध वसूली की जाती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को नियमित रूप से पोषाहार का वितरण नहीं किया जाता तथा सीडीपीओ कार्यालय में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं। आरोप लगाया गया कि कई केंद्रों पर मात्र 10 बच्चे उपस्थित रहते हैं, जबकि रिकॉर्ड में 40 बच्चों की उपस्थिति दर्ज की जाती है। परछा गांव में चार आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन एक ही विद्यालय परिसर में किए जाने का भी मुद्दा उठाया गया।

प्रमोद चंद्रवंशी ने स्कूल समय में निजी ट्यूशन पर रोक लगाने तथा उच्च विद्यालयों में प्लस-टू शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की।

बैठक में उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर संबंधित विभागीय अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।

बैठक में बीपीआरओ ममता कुमारी, बीईओ ब्रजेश कुमार, चिकित्सा प्रभारी डॉ. मुकेश कुमार, बीएओ कन्हैया सिंह, बीसीओ संजीत कुमार, जेई रविरंजन, सीताराम चंद्रवंशी, रामप्रताप ठाकुर, मुसा अंसारी, विजय बहादुर, लीलावती देवी, अरुण चंद्रवंशी सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।


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