खबर:Tahalka Aawaz आपकी आवाजl
संवादाता- मुकेश कुमार मिश्रा/नौहट्टा/रोहतास:
नौहट्टा प्रखंड कार्यालय परिसर में जिला स्वच्छता समन्वयक अखिलेश पाण्डेय की अध्यक्षता में प्रखंड के सभी स्वच्छता पर्यवेक्षकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण, खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) अभियान को और प्रभावी बनाने तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने और नियमित प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक का मुख्य फोकस अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उन परिवारों की पहचान करना रहा, जो अब तक किसी कारणवश शौचालय योजना से वंचित रह गए हैं। जिला स्वच्छता समन्वयक अखिलेश पाण्डेय ने सभी स्वच्छता पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया कि ऐसे पात्र परिवारों का सर्वे कर सूची तैयार करें और उन्हें शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि शौचालय निर्माण पूर्ण होने के बाद प्रत्येक पात्र लाभार्थी को सरकार की ओर से ₹12,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज एवं आवेदन समय पर एकत्र कर उच्च कार्यालय को भेजने के निर्देश भी दिए गए।
श्री पाण्डेय ने स्पष्ट कहा कि "कोई भी पात्र परिवार शौचालय की सुविधा से वंचित नहीं रहना चाहिए। सर्वे पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए और पात्र लाभुकों की सूची शीघ्र तैयार कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।"
बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) को लेकर भी विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत में प्रतिदिन घर-घर जाकर कचरा संग्रहण किया जाए तथा गांवों में बनी नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि स्वच्छ वातावरण बनाए रखा जा सके।
जिला स्वच्छता समन्वयक ने स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चार महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष जोर दिया—
प्रत्येक घर से प्रतिदिन कचरा वाहन के माध्यम से कचरा संग्रह किया जाए।
गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग संग्रहण सुनिश्चित किया जाए।
जैविक कचरे से वर्मी कम्पोस्ट एवं जैविक खाद तैयार कर उसका उपयोग बढ़ाया जाए।
प्लास्टिक कचरे का संग्रह कर उसकी बिक्री से आय अर्जित की जाए।
उन्होंने बताया कि इन गतिविधियों से होने वाली आय संबंधित ग्राम पंचायत के खाते में जमा की जाएगी, जिससे पंचायतों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और स्वच्छता कार्यों को गति मिलेगी।
बैठक में प्रखंड स्वच्छता समन्वयक विकास कुमार, प्रमोद कुमार, स्वच्छताग्रही ओमप्रकाश भास्कर, पर्यवेक्षक अनिल कुमार, दीनबंधु पाठक, धनंजय सहाय, उपेंद्र सहित सभी स्वच्छता पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।
स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि शौचालय निर्माण और नियमित कचरा प्रबंधन से गांवों में स्वच्छता का स्तर बेहतर होगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के अभियान को नई गति मिलेगी।
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