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प्रखण्ड संवादाता- मुकेश कुमार मिश्रा/नौहट्टा/
रोहतास:
पुलिस की सक्रियता से टली बड़ी वारदात, समझाइश के बावजूद देर शाम तक नहीं हो सका अंतिम संस्कार
नौहट्टा क्षेत्र के कमालखैरवा गांव में अंधविश्वास की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। झाड़-फूंक के चक्कर में इलाज में हुई देरी के कारण 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई। इसके बाद मृतक के परिजनों ने पड़ोस की एक महिला पर 'डायन' होने का आरोप लगाते हुए उसकी हत्या की धमकी दे दी, जिससे पूरे गांव में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से संभावित बड़ी वारदात टल गई।
मृतक की पहचान रामनाथ उरांव के 18 वर्षीय पुत्र योगेंद्र उरांव के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात योगेंद्र की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उसे पहले झाड़-फूंक के लिए विभिन्न स्थानों पर ले गए। बताया जाता है कि पहले केसिक्स में झाड़-फूंक कराई गई, इसके बाद कमालखैरवा में एक मौलवी के पास ले जाया गया। तबीयत में सुधार नहीं होने पर उसे शाहपुर के एक आयुर्वेद चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति देखते हुए रोहतास रेफर कर दिया गया। बाद में उसे सदर अस्पताल, सासाराम ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
शनिवार की सुबह युवक का शव घर लाए जाने के बाद परिजनों ने गांव में यह आरोप लगाया कि पड़ोस की एक महिला ने "भूत-प्रेत" के माध्यम से युवक की जान ले ली। यह बात फैलते ही गांव में तनाव बढ़ गया। आरोपित महिला और उसका पति किसी अनहोनी की आशंका से शनिवार रात ही घर छोड़कर फरार हो गए।
बताया जाता है कि मृतक के परिजन महिला की तलाश में पहाड़ पर स्थित बभनतलाव गांव तक पहुंच गए और उसके मिलने पर हत्या करने की बात कहने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और संभावित हिंसा को रोकने के लिए गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष दिवाकर कुमार, एसआई अमित कुमार, जिला परिषद सदस्य सुदामा राम, साबिर अंसारी, सीताराम उरांव, रामप्रताप ठाकुर और राजेश राम सहित कई जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सभी ने मृतक के परिजनों को समझाने का प्रयास किया और अंधविश्वास छोड़कर शांतिपूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार करने की अपील की।
हालांकि रविवार देर शाम तक परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हुए थे। उनका कहना था कि पहले आरोपित महिला के खिलाफ कार्रवाई हो, उसके बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस कारण गांव में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण की स्थिति बनी रही।
थानाध्यक्ष दिवाकर कुमार ने बताया कि पुलिस लगातार गांव में निगरानी बनाए हुए है। परिजनों को समझाया गया है और उन्होंने शव का अंतिम संस्कार करने का आश्वासन दिया है। पुलिस पूरे मामले पर नजर रखे हुए है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

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