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मुकेश कुमार मिश्रा/नौहट्टा/रोहतास:
नौहट्टा (रोहतास)। प्रखंड क्षेत्र की तीउरा पंचायत अंतर्गत पड़रिया गांव के वार्ड संख्या-4 में वर्ष 2024 में शुरू की गई मुख्यमंत्री नल-जल योजना आज भी अधूरी पड़ी हुई है। योजना का कार्य शुरू होने के बाद मोटर पंप लगाया गया, फाउंडेशन का निर्माण कराया गया तथा पाइपलाइन भी बिछाई गई, लेकिन इसके बाद कार्य बंद हो गया। करीब दो वर्ष बीत जाने के बावजूद योजना को चालू नहीं किया जा सका है, जिससे वार्ड के लोगों को शुद्ध पेयजल का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्यमंत्री नल-जल योजना के तहत आवश्यक ढांचागत कार्य तो किए गए, लेकिन अंतिम चरण का काम पूरा नहीं होने के कारण योजना सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है। गर्मी के मौसम और बढ़ती जल समस्या के बीच लोगों को स्वच्छ पेयजल के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई परिवार अब भी निजी चापाकलों और अन्य जल स्रोतों पर निर्भर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। अधूरा पड़ा कार्य अब धीरे-धीरे खराब होने की स्थिति में पहुंच रहा है। यदि जल्द योजना पूरी नहीं हुई तो सरकारी राशि और संसाधनों के नुकसान की आशंका भी बढ़ जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ नहीं मिलने से लोगों में नाराजगी है। वार्ड के निवासियों ने जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से शीघ्र हस्तक्षेप कर योजना को पूर्ण कराने तथा नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
क्या कहते हैं ग्रामीण
यशवंत मिश्रा ने बताया कि नल-जल योजना चालू नहीं होने से गांव में पेयजल की समस्या बनी हुई है। लोगों को पीने के लिए शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे परेशानी बढ़ रही है।
लक्ष्मण मिश्रा ने कहा कि लगभग दो वर्ष पहले नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाई गई, मोटर लगाया गया और फाउंडेशन का निर्माण भी किया गया था। इसके बाद कार्य पूरी तरह बंद हो गया, जिसके कारण आज तक लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल सका।
अभिषेक मिश्रा ने बताया कि योजना बंद रहने से सिर्फ ग्रामीण ही नहीं बल्कि पशुओं को भी पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्य पूरा कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही योजना को चालू नहीं कराया गया तो वे संबंधित अधिकारियों के समक्ष सामूहिक रूप से अपनी आवाज उठाने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ हर घर तक पहुंचना चाहिए, लेकिन कार्य अधूरा रहने से लोगों की उम्मीदें टूट रही हैं।

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