खबर:Tahalka Aawaz आपकी आवाजl
रवि प्रकाश दुबे/नौहट्टा/रोहतास:
नौहट्टा पंचायत के मौजा पहाड़िया में मंगलवार को अमीन द्वारा भूमि सर्वेक्षण का कार्य किया गया। सर्वे के दौरान बड़ी संख्या में रैयत एवं जमीन मालिक मौके पर उपस्थित रहे। हालांकि सर्वे के दौरान कई किसानों ने अपनी जमीन की पहचान को लेकर गंभीर समस्याएं सामने रखीं।
ग्रामीणों के अनुसार वर्षों से कुछ लोगों द्वारा दूसरे किसानों की जमीन को जोत-कोड़ कर खेती की जा रही है, जिसके कारण वास्तविक प्लॉट और भूमि की सीमाओं की पहचान करना मुश्किल हो गया है। सर्वे के दौरान कई रैयतों को अपने-अपने खेसरा और प्लॉट की सही स्थिति समझने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौके पर मौजूद किसान राम बेलाश दुबे ने बताया कि उनके पास जमीन का खतियान और अन्य आवश्यक कागजात मौजूद हैं, इसके बावजूद उनकी जमीन की सही पहचान नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि यदि कागजात और राजस्व अभिलेखों के आधार पर सर्वे नहीं किया गया तो कई वास्तविक रैयतों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसानों का कहना है कि दबंगई और प्रभाव के बल पर कुछ लोग वर्षों से दूसरे किसानों की जमीन पर खेती कर रहे हैं, जिससे वास्तविक मालिकों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में किसानों ने प्रशासन और सर्वे विभाग से मांग की है कि सर्वे कार्य पूरी तरह खतियान, नक्शा एवं राजस्व अभिलेखों के आधार पर कराया जाए तथा वास्तविक रैयतों को उनकी जमीन पर दखल दिलाया जाए।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि कागजी अभिलेखों को प्राथमिकता नहीं दी गई तो भविष्य में भूमि विवाद और बढ़ सकते हैं। किसानों ने निष्पक्ष सर्वे कराकर सभी रैयतों को न्याय दिलाने की मांग की।
सर्वेक्षण के दौरान ओम प्रकाश दुबे, शशिकांत दुबे, ज्ञानेंद्र कुमार दुबे, अखिलेश पाठक, साकेत पाठक, राजेंद्र कुमार दुबे, गुड्डू कुमार दुबे, अनिल दुबे, पप्पू दुबे सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
“खतियान होने के बावजूदसी जमीन की पहचान नहीं, कागजात के आधार पर सर्वे और दखल दिलाने की किसानों ने उठाई मांग”

Post a Comment