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नई दिल्ली/हावड़ा:
देश के अलग-अलग हिस्सों में हाल के दिनों में ट्रेनों में आग लगने की घटनाओं को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। भारतीय रेलवे की जांच में सामने आया है कि ये घटनाएं महज तकनीकी खराबी या सामान्य हादसे नहीं, बल्कि असामाजिक तत्वों की सुनियोजित साजिश का हिस्सा हो सकती हैं। रेलवे सुरक्षा एजेंसियों को हावड़ा-रक्सौल मिथिला एक्सप्रेस के कोच से पेट्रोल में भीगा अधजला कपड़ा मिलने के बाद इस आशंका को बल मिला है।
मंगलवार को पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-8 पर खड़ी हावड़ा-रक्सौल मिथिला एक्सप्रेस (13021) रवाना होने की तैयारी में थी। ट्रेन के जनरल कोच में यात्री बैठ चुके थे, तभी अचानक एलएस सेकंड क्लास कोच के टॉयलेट से काला धुआं निकलने लगा। देखते ही देखते धुआं पूरी बोगी में फैल गया और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए कई यात्री खिड़कियों और दरवाजों से कूदकर प्लेटफॉर्म की ओर भागने लगे।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। रेलवे कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए फायर एक्सटिंग्विशर से आग पर काबू पा लिया। कर्मचारियों की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया और किसी यात्री के हताहत होने की खबर नहीं है।
आग बुझाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जब कोच के टॉयलेट की जांच की तो वहां से पेट्रोल में भीगा एक अधजला कपड़ा बरामद हुआ। अधिकारियों के मुताबिक इसी कपड़े में आग लगाकर पूरी बोगी को जलाने की कोशिश की गई थी। इस बरामदगी ने जांच एजेंसियों को चौंका दिया है।
रेल मंत्रालय ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। जांच में यह सामने आया है कि देश के विभिन्न हिस्सों में ट्रेनों को निशाना बनाने के लिए एक जैसा पैटर्न अपनाया जा रहा है। मध्य प्रदेश के रतलाम में तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के बी-1 कोच में लगी आग की शुरुआत भी टॉयलेट से हुई थी। उस घटना में 68 यात्रियों की जान बाल-बाल बची थी।
इसके अलावा राजस्थान के कोटा में राजधानी एक्सप्रेस के टॉयलेट से आग लगने का मामला सामने आया था। वहीं अमरपुरा स्टेशन के पास एक संदिग्ध व्यक्ति को ट्रेन के बेडरोल में आग लगाने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। बिहार के सासाराम स्टेशन पर खड़ी खाली बोगी में भी बिना शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी के अचानक आग भड़कने की घटना हुई थी। जांच एजेंसियां मान रही हैं कि वहां भी किसी बाहरी तत्व द्वारा ज्वलनशील पदार्थ फेंका गया हो सकता है।
रेल मंत्रालय ने कहा है कि सभी घटनाओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। संवेदनशील ट्रेनों और स्टेशनों पर निगरानी बढ़ाने के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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