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नौहट्टा में पेट्रोल-डीजल संकट गहराया, किसानों को महंगा ईंधन खरीदने की मजबूरी; किसानों में आक्रोशl


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रिपोर्ट: मुकेश कुमार मिश्रा, नौहट्टा (रोहतास)

नौहट्टा प्रखंड में इन दिनों पेट्रोल और डीजल की गंभीर कमी से किसान एवं आम लोग परेशान हैं। धान की बिचड़ा (बीज) तैयारी, रोपाई और खेतों की सिंचाई के लिए डीजल की मांग बढ़ गई है, लेकिन क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध नहीं होने के कारण किसानों को अधिक कीमत पर डीजल खरीदना पड़ रहा है। इससे किसानों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।


ग्रामीणों का आरोप है कि कर्मडीहा स्थित पेट्रोल पंप पर महीने में कई दिनों तक पेट्रोल और डीजल की बिक्री बंद रहती है। उनका कहना है कि महीने में दस दिन से अधिक समय तक पंप पर ईंधन उपलब्ध नहीं रहता, जिससे किसानों और वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। खेती के महत्वपूर्ण मौसम में डीजल की कमी से कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।


स्थानीय किसानों ने बताया कि धान की रोपाई, बिचड़ा तैयार करने और खेत की जुताई के लिए इस समय डीजल की अत्यधिक आवश्यकता है। लेकिन पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं मिलने के कारण उन्हें खुदरा विक्रेताओं से डीजल खरीदना पड़ रहा है। आरोप है कि खुदरा विक्रेता प्रति लीटर सरकारी दर से अधिक कीमत वसूल रहे हैं। वहीं कुछ ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पूरे पैसे लेने के बावजूद एक लीटर से कम पेट्रोल दिया जाता है। उन्होंने इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है।


नौहट्टा के अंचल अधिकारी (सीओ) ने बताया कि नौहट्टा में नियमित रूप से पेट्रोल उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें भी रोहतास से ईंधन लेना पड़ता है।


प्रखंड जदयू अध्यक्ष दीपक कुमार चौबे, अरुण कुमार चौबे, राकेश चौबे, बसंत मिश्रा, भानु मिश्रा सहित कई किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्थानीय पेट्रोल पंप पर नियमित रूप से पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति नहीं हो सकती, तो ऐसे पंप के संचालन का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उनका आरोप है कि इसी स्थिति का लाभ उठाकर सीमावर्ती क्षेत्रों और पड़ोसी राज्यों से पेट्रोल-डीजल लाकर अवैध रूप से बेचा जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण होने के साथ-साथ सरकार को भी राजस्व का नुकसान होने की आशंका है।

किसानों और ग्रामीणों ने प्रशासन तथा संबंधित विभाग से मांग की है कि कर्मडीहा पेट्रोल पंप पर नियमित रूप से पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। साथ ही ईंधन की कृत्रिम कमी की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए तथा खुदरा विक्रेताओं द्वारा अधिक कीमत वसूलने पर रोक लगाई जाए, ताकि किसानों और आम जनता को राहत मिल सके।

किसानों का कहना है कि खेती के इस महत्वपूर्ण समय में डीजल संकट दूर करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।


ग्रामीणों की प्रमुख मांगें


कर्मडीहा पेट्रोल पंप पर नियमित रूप से पेट्रोल-डीजल उपलब्ध कराया जाए।

ईंधन की कृत्रिम कमी की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

खुदरा विक्रेताओं द्वारा अधिक कीमत वसूलने पर रोक लगाई जाए।

खेती के मौसम में किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध कराया जाए।

स्थानीय किसान एवं ग्रामीणों का कहना है:

"डीजल नहीं मिलने से खेती प्रभावित हो रही है। प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करे।" :::

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