विशेष संवाददाता | नई दिल्ली:
भाजपा के समर्पित नेता एवं कार्यकर्ता रहे अटल बिहारी वाजपेइ की आज पुण्यतिथि है, लेकिन अब तक पार्टी के किसी बड़े नेता द्वारा उन्हें सार्वजनिक रूप से श्रद्धांजलि सुमन अर्पित नहीं किए जाने को लेकर समर्थकों और कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। कई लोगों का कहना है कि यह उन नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान की कमी को दर्शाता है जिन्होंने अपना पूरा जीवन संगठन और विचारधारा के लिए समर्पित कर दिया।
समर्थकों का कहना है कि अटल बिहारी वाजपेइ ने भाजपा को मजबूत बनाने और संगठन को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उन्होंने वर्षों तक पार्टी की विचारधारा के प्रचार-प्रसार और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। ऐसे में उनकी पुण्यतिथि पर पार्टी नेतृत्व की ओर से कोई श्रद्धांजलि संदेश सामने नहीं आना कई लोगों को खटक रहा है।
स्थानीय कार्यकर्ताओं का मानना है कि राजनीतिक दलों को केवल बड़े और चर्चित नेताओं को ही नहीं, बल्कि उन समर्पित कार्यकर्ताओं और नेताओं को भी याद रखना चाहिए जिन्होंने कठिन समय में पार्टी का झंडा बुलंद रखा। उनका कहना है कि किसी भी संगठन की असली ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ता होते हैं और उनके योगदान को भुलाया नहीं जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी अटल बिहारी वाजपेइ को याद करते हुए कई लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की और सवाल उठाया कि आखिर पार्टी के वरिष्ठ नेता इस महत्वपूर्ण अवसर पर मौन क्यों हैं। समर्थकों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उन सभी समर्पित कार्यकर्ताओं का सम्मान का विषय है जिन्होंने संगठन के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि भाजपा के नेताओं ने निजी तौर पर श्रद्धांजलि अर्पित की है या नहीं। सार्वजनिक रूप से कोई संदेश या कार्यक्रम सामने नहीं आने के कारण चर्चाओं का दौर जारी है।
श्रद्धांजलि संदेश:
"अटल बिहारी वाजपेइ जी का जीवन समर्पण, संघर्ष और संगठन के प्रति निष्ठा का प्रतीक था। उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि एवं शत-शत नमन। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।" 🙏🕯️

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