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लखनऊ/उत्तर प्रदेश:
उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़े चर्चित नाम और समाजवादी परिवार के सदस्य Prateek Yadav के निधन के बाद अब उनके निजी जीवन और कारोबार से जुड़ी कई बातें सामने आ रही हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बीते कुछ समय से वह भारी आर्थिक नुकसान, कानूनी विवाद और पारिवारिक तनाव से गुजर रहे थे, जिसने उन्हें मानसिक रूप से काफी परेशान कर दिया था।
रियल एस्टेट और जिम कारोबार में आई दरार
प्रतीक यादव का मुख्य कारोबार रियल एस्टेट और फिटनेस सेक्टर से जुड़ा था। उनका लखनऊ के गोमतीनगर स्थित मशहूर जिम ‘आयरन कोर फिट’ युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता था। इस बिजनेस में उनकी पत्नी Aparna Yadav के भाई अमन सिंह बिष्ट भी अहम भूमिका निभाते थे। वर्ष 2012 से 2016 के बीच कई कंपनियां बनाई गईं, जिनमें अमन बिष्ट डायरेक्टर या डिजिग्नेटेड डायरेक्टर के तौर पर जुड़े रहे।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय में कई निवेश फंसने और करोड़ों रुपये डूबने के बाद प्रतीक और अमन बिष्ट के रिश्तों में तनाव बढ़ने लगा। कारोबारी नुकसान को लेकर दोनों के बीच मतभेद इतने बढ़ गए कि प्रतीक यादव ने अमन बिष्ट को गोमतीनगर स्थित ऑफिस खाली करने तक के लिए कह दिया था।
करोड़ों के निवेश फंसने से बढ़ी परेशानी
सूत्रों के मुताबिक, प्रतीक यादव का नोएडा के एक बड़े बिल्डर प्रोजेक्ट में भी भारी निवेश फंसा हुआ था। कारोबारी विवाद इतना बढ़ गया कि पैसा वापस मिलने की उम्मीद लगभग खत्म हो गई थी। बताया जा रहा है कि इसी आर्थिक दबाव ने उन्हें मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया।
करीबी लोगों का कहना है कि वह अपनी दोनों बेटियों के साथ इंग्लैंड शिफ्ट होकर नई शुरुआत करने की योजना बना रहे थे। उनका मकसद पहले अपने फंसे हुए निवेश को निकालना था, लेकिन लगातार असफलता और विवादों ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया।
FIR, रंगदारी और धोखाधड़ी के मामलों ने बढ़ाया तनाव
प्रतीक यादव ने पिछले वर्ष एक कारोबारी कृष्णानंद पांडेय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि करोड़ों रुपये निवेश कराने के बाद पैसे लौटाने की बजाय उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाने और 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने की धमकी दी गई।
दूसरी ओर, अमन बिष्ट पर भी एक कारोबारी द्वारा लगभग 14 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया था। इन कानूनी मामलों और आर्थिक दबाव ने प्रतीक यादव को लगातार तनाव में रखा।
अंतिम समय में साथ दिखे अमन बिष्ट
हालांकि कारोबार और रिश्तों में तनाव की खबरें सामने आती रहीं, लेकिन प्रतीक यादव के अंतिम समय में अमन बिष्ट उनके साथ दिखाई दिए। अस्पताल से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक अमन लगातार मौजूद रहे। इससे यह भी संकेत मिला कि तमाम विवादों के बावजूद परिवार ने मुश्किल समय में साथ निभाने की कोशिश की।
Akhilesh Yadav भी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे थे और उन्होंने इशारों में कहा कि कारोबारी नुकसान और तनाव ने प्रतीक यादव को मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया

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