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रवि प्रकाश दुबे/नौहट्टा/रोहतास:
नौहट्टा प्रखंड के तीउरा पंचायत में ग्रामीण विकास और सड़क सुरक्षा के उद्देश्य से लगाई गई अधिकांश सोलर स्ट्रीट लाइटें खराब होकर शोपीस बन गई हैं। एक समय जिन गलियों को इन सोलर लाइटों से जगमगाने की उम्मीद थी, वे आज फिर अंधेरे में डूबी हुई हैं। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और पंचायत में कराए गए कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार पंचायत के पड़रिया गांव सहित चार वार्डों में करीब एक वर्ष पूर्व एक निजी कंपनी के माध्यम से सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं। इन लाइटों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय बेहतर रोशनी उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकांश लाइटें शुरू से ही सही ढंग से काम नहीं कर सकीं और अब बड़ी संख्या में पूरी तरह बंद पड़ी हैं।
समाजसेवी मुमताज अंसारी ने बताया कि पंचायत के चार वार्डों में लगभग 40 सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं, जिनमें से करीब 20 लाइटें खराब हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि लाखों रुपये की लागत से लगाए गए इन उपकरणों का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। यदि समय रहते इनकी मरम्मत नहीं कराई गई तो सरकारी राशि का उद्देश्य ही विफल हो जाएगा।
ग्रामीण भगवान मिश्र और मुकेश मिश्रा ने बताया कि कई सोलर लाइटें स्थापना के दिन से ही बंद पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि आज तक गांव के लोगों को इन लाइटों का कोई वास्तविक लाभ नहीं मिला। रात के समय गलियों और सड़कों पर अंधेरा रहने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती है, वहीं दुर्घटना और आपराधिक घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
ग्रामीण राम अवधेश मिश्रा ने भी सोलर लाइटों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ लाइटें लगने के बाद केवल एक-दो दिन तक ही जलीं। वह भी कुछ घंटों के लिए रोशनी देने के बाद बंद हो गईं और फिर कभी नहीं जलीं। इससे स्पष्ट होता है कि उपकरणों की गुणवत्ता या रखरखाव में गंभीर खामियां रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन धरातल पर उसका लाभ दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने संबंधित विभाग एवं पंचायत प्रशासन से सोलर लाइटों की तकनीकी जांच कराने तथा खराब पड़ी लाइटों को अविलंब ठीक कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे इस मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचे, इसके लिए जवाबदेही तय करना आवश्यक है।
ग्रामीणों की मांग है कि पंचायत में लगी सभी सोलर स्ट्रीट लाइटों की जांच कर दोषी एजेंसी पर कार्रवाई की जाए तथा खराब पड़ी लाइटों को जल्द चालू कराया जाए, ताकि गांव की गलियां फिर से रोशन हो सकें।

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