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इन्दौर- 621 किमी दूर से 5 हजार में खरीदा कोबरा, पत्नी की हत्या के बाद शव को डसवाया; 6.5 साल बाद आया अदालत का बड़ा फैसलाl


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विशेष संवादाता/इंदौर/मध्य प्रदेश:

मध्य प्रदेश के इंदौर में चर्चित शिवानी हत्याकांड में जिला अदालत ने करीब साढ़े छह साल बाद बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी पति अमितेश उर्फ शालू पटेरिया को पत्नी की सुनियोजित हत्या का दोषी ठहराया है। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही साक्ष्य मिटाने और संरक्षित प्रजाति कोबरा सांप की हत्या करने के मामले में भी दोषी मानते हुए अलग से सजा और अर्थदंड लगाया गया है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी ने अपनी पत्नी की हत्या को हादसा साबित करने के लिए बेहद खौफनाक साजिश रची थी। उसने राजस्थान के अलवर से करीब 621 किलोमीटर दूर जाकर 5,000 रुपये में एक कोबरा सांप खरीदा और पत्नी की हत्या के बाद उसके शव को सांप से डसवाया, ताकि मौत का कारण सर्पदंश माना जाए और हत्या का राज छिप जाए।

क्या था पूरा मामला?

घटना 1 दिसंबर 2019 की है। इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र स्थित संचार नगर एक्सटेंशन में रहने वाले अमितेश उर्फ शालू पटेरिया ने कथित तौर पर अपनी पत्नी शिवानी का तकिये से मुंह दबाकर दम घोंट दिया। हत्या के बाद उसने पहले से खरीदे गए कोबरा सांप से शव को डसवाया ताकि पोस्टमार्टम में मौत का कारण सांप का काटना सामने आए और मामला दुर्घटना जैसा लगे।

लेकिन पुलिस की वैज्ञानिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों ने आरोपी की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।

दहेज प्रताड़ना का भी खुलासा

अतिरिक्त लोक अभियोजक चंद्रशेखर चौधरी के अनुसार जांच में यह भी सामने आया कि विवाह के बाद से ही शिवानी को दहेज और पैसों की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के पिता ओमप्रकाश और एक अन्य महिला को भी आरोपित बनाकर अदालत में चालान पेश किया था।

कोबरा की भी हुई थी पोस्टमार्टम जांच

यह मामला इसलिए भी बेहद चर्चित रहा क्योंकि अदालत में महिला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ-साथ कोबरा सांप की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी पेश की गई। चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक डॉ. उत्तम यादव ने अदालत में गवाही दी। पुलिस ने घटनास्थल से बिस्तर, तकिये के कवर और अन्य सामान के साथ मृत कोबरा भी बरामद किया था।

हालांकि, शिवानी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि उसकी मौत मुंह दबाने से दम घुटने के कारण हुई थी, न कि सर्पदंश से। इसी रिपोर्ट ने आरोपी की पूरी साजिश को उजागर कर दिया।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

मामले के जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया था कि वह राजस्थान के अलवर रेलवे स्टेशन पर एक सपेरे से 5,000 रुपये में कोबरा सांप खरीदकर लाया था। इसके बाद उसने हत्या को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की।

हत्या के बाद कोबरा को भी मार डाला

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने पत्नी की हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से कोबरा सांप को भी मार डाला। यह संरक्षित वन्यजीव की हत्या का भी मामला बना।

28 गवाहों से साबित हुआ अपराध

अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध करने के लिए 28 गवाह पेश किए। इनमें पुलिस अधिकारी, पोस्टमार्टम बोर्ड के सदस्य, फॉरेंसिक विशेषज्ञ, पशु चिकित्सक और मृतका के मायके पक्ष के लोग शामिल थे। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

मुख्य बिंदु:

2019 में पत्नी की हत्या कर शव को कोबरा से डसवाने की रची थी साजिश।

राजस्थान के अलवर से 5 हजार रुपये में खरीदा था कोबरा।

पोस्टमार्टम और एफएसएल जांच से खुला हत्या का राज।

28 गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा।

साक्ष्य मिटाने और संरक्षित कोबरा की हत्या के मामले में भी दोषी करार।

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