जारी आदेश के अनुसार प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा कक्षा 1 से 5 तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियों पर 30 जून तक पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यानी इस अवधि में छोटे बच्चों के लिए विद्यालय पूरी तरह बंद रहेंगे। वहीं कक्षा 6 से 12 तक की कक्षाएं केवल पूर्वाह्न 11:00 बजे तक ही संचालित की जाएंगी। विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक सावधानियां सुनिश्चित करें।
शिक्षकों की उपस्थिति रहेगी अनिवार्य
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों में शिक्षण कार्य भले ही सीमित रहेगा, लेकिन सरकारी विद्यालयों के सभी शिक्षक एवं कर्मी नियमित रूप से विद्यालय पहुंचेंगे। उन्हें नामांकन, अभिलेख संधारण, प्रशासनिक कार्य एवं अन्य गैर-शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन करना होगा।
आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश
सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों के प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि वे जिला प्रशासन के आदेश का अक्षरशः पालन करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही या आदेश की अवहेलना पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों से विशेष अपील
जिला पदाधिकारी नितिन कुमार सिंह ने अभिभावकों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि भीषण गर्मी और लू के प्रभाव को देखते हुए बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने दें। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ओआरएस का सेवन करने, हल्के सूती कपड़े पहनने तथा दोपहर के समय धूप से बचने जैसी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है।
विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
जिला प्रशासन ने कहा है कि वर्तमान मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए @विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से विद्यालयों के संचालन समय में यह बदलाव किया गया है, ताकि बच्चों को भीषण गर्मी और लू से बचाया जा सके।
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चीफ एडिटर- रवि प्रकाश दुबेl

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