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नौहट्टा - तिलोखर पंचायत की सोलर लाइटें हुईं बेकार, अंधेरे में जीने को मजबूर ग्रामीणl


 करोड़ों की योजना पर उठे सवाल, वार्ड 1 से 8 तक बंद पड़ी हैं अधिकांश सोलर स्ट्रीट लाइटेंl 

खबर:Tahalka Aawaz आपकी आवाजl 

प्रखण्ड रिपोर्टर- मुकेश कुमार मिश्रा/नौहट्टा/रोहतास:

 नौहट्टा प्रखंड के तिलोखर पंचायत में ग्रामीणों को रोशनी देने के उद्देश्य से लगाई गई सोलर स्ट्रीट लाइटें अब शोपीस बनकर रह गई हैं। पंचायत के वार्ड संख्या 1 से लेकर वार्ड संख्या 8 तक बरेड़ा कंपनी द्वारा स्थापित अधिकांश सोलर स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं। इसके कारण गांव की गलियों, मुख्य सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर रात के समय घना अंधेरा छाया रहता है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि कई सोलर लाइटें स्थापना के कुछ ही महीनों बाद खराब हो गईं, जबकि कुछ लाइटें एक-दो महीने चलने के बाद पूरी तरह बंद हो गईं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद न तो कंपनी द्वारा मरम्मत कराई गई और न ही संबंधित विभाग की ओर से कोई प्रभावी पहल की गई।

शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

ग्रामीण हीरानंद चौबे ने बताया कि पंचायत में लगी अधिकांश सोलर स्ट्रीट लाइटें कई महीनों से बंद हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी दी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। इसके कारण रात में लोगों को अंधेरे में आवागमन करना पड़ता है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

उन्होंने कहा कि सोलर लाइट योजना से ग्रामीणों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन लाइटों के खराब हो जाने से लोगों में निराशा और नाराजगी बढ़ रही है।

रखरखाव के अभाव में योजना हो रही विफल

ग्रामीण रामा चौबे ने बताया कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई गई थी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेहतर प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध हो सके। लेकिन रखरखाव की कमी और समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण अधिकांश लाइटें बेकार हो चुकी हैं।

उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच कर यह पता लगाया जाए कि आखिर इतनी जल्दी लाइटें खराब कैसे हो गईं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

वार्ड प्रतिनिधि ने भी उठाई मरम्मत की मांग

वार्ड प्रतिनिधि राकेश चौबे ने बताया कि पंचायत के सभी वार्डों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि सोलर लाइटें बंद रहने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार कंपनी और विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ सकता है।

एक-दो महीने बाद ही खराब हो गईं कई लाइटें

ग्रामीण शिवकुमार महतो ने बताया कि पंचायत के कई स्थानों पर लगाई गई सोलर लाइटें केवल एक-दो महीने तक ही सही ढंग से काम कर सकीं। उसके बाद वे बंद हो गईं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ तभी मिलेगा जब उनका नियमित रखरखाव और निगरानी सुनिश्चित हो।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो योजना का उद्देश्य पूरी तरह विफल हो जाएगा।

जनप्रतिनिधि ने की त्वरित जांच की मांग

एमएलसी प्रतिनिधि सह मुखिया प्रतिनिधि भानु मिश्रा ने कहा कि पंचायत में सोलर स्ट्रीट लाइटों के बंद रहने की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने संबंधित विभाग और बरेड़ा कंपनी से अविलंब जांच कर सभी खराब लाइटों को दुरुस्त कराने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था एक बुनियादी आवश्यकता है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को शीघ्र कार्रवाई कर ग्रामीणों को राहत प्रदान करनी चाहिए।

ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही खराब पड़ी सोलर स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत नहीं कराई गई तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा पंचायत की सभी सोलर लाइटों को जल्द से जल्द चालू कराने की मांग की है।

फिलहाल तिलोखर पंचायत के ग्रामीण अंधेरे में रातें बिताने को मजबूर हैं और उन्हें प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है।

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