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शंकर कुमार गौंड/रोहतास, 10 अप्रैल 2026:
स्थानीय कारीगरों और बुनकरों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत आज जिला उद्योग केंद्र, रोहतास में “उद्योग वार्ता” एवं “हैंडीक्राफ्ट एंड कारपेट” विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक द्वारा किया गया, जबकि सह-संयोजन HOPT के माध्यम से हुआ।
कार्यक्रम का उद्घाटन अपर समाहर्ता-सह-अपर जिला दंडाधिकारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस मौके पर जिला बंदोबस्त पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, उद्योग महाप्रबंधक सहित HOPT के डायरेक्टर और विभिन्न प्रखंडों से आए बड़ी संख्या में बुनकर एवं कारीगर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई, जिसमें उन्हें पौधा एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। बुनकरों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित करते हुए उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
उद्योग महाप्रबंधक श्री आशीष रंजन ने बताया कि HOPT के माध्यम से रोहतास जिले के कारीगरों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। स्थानीय उत्पादों को उचित मूल्य दिलाने के साथ-साथ दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि HOPT का टाई-अप Skill India के साथ है, जिससे कारीगरों को प्रशिक्षण एवं रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
उन्होंने आगे जानकारी दी कि उद्योग विभाग द्वारा बुनकरों को यूनिक आईडी (UID) प्रदान की जाती है, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। साथ ही 15,000 रुपये तक की कार्यशील पूंजी भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे अपने व्यवसाय को और मजबूत बना सकें।
कार्यक्रम के दौरान बुनकरों द्वारा निर्मित शॉल, चटाई, तकिया एवं अन्य हैंडीक्राफ्ट उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। खास तौर पर प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिल कर बनाए गए उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे, जिनकी उपस्थित अधिकारियों और अतिथियों ने सराहना की।
HOPT के ट्रेनरों द्वारा बुनकरों और कारीगरों को आधुनिक तकनीक व कौशल की ट्रेनिंग दी गई। यह उल्लेखनीय है कि रोहतास के बुनकरों के उत्पाद अब न केवल स्थानीय बाजार में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं और दुबई जैसे देशों में इनकी मांग लगातार बढ़ रही है।
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने बुनकरों को सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने तथा उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कौशल विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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