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शंकर कुमार गौंड/डेहरी/रोहतास:-
जमुहार पैरवी एवं गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के नारायण स्कूल ऑफ लॉ के संयुक्त तत्वावधान में बाल संरक्षण के लिए कानूनी प्रक्रिया को सशक्त बनाने हेतु पारा लीगल स्वयंसेवकों की दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विधिक स्वयंसेवकों को जागरूक करना, बाल अधिकारों से जुड़े कानूनों की जानकारी देना और जमीनी स्तर पर उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. जगदीश सिंह द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। विधिक स्वयंसेवक समाज और न्याय प्रणाली के बीच सेतु का कार्य करते हैं।
विधि संकाय के डीन डॉ. विनोद कुमार सरोज ने बाल संरक्षण के कानूनी ढांचे पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किशोर न्याय अधिनियम, पॉक्सो एक्ट सहित अन्य कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है, जब जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले लोग इनकी सही समझ रखें। उन्होंने विद्यार्थियों को कानून का उपयोग समाज के कमजोर वर्गों को न्याय दिलाने के लिए करने की प्रेरणा दी।
बाल अधिकार कार्यकर्ता सुनील झा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी जागरूकता की कमी के कारण बच्चों के अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने विधिक स्वयंसेवकों से गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और जरूरतमंद बच्चों की मदद करने की अपील की।
मानव अधिकार कार्यकर्ता संतोष उपाध्याय ने कहा कि बाल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति का दायित्व है।

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