(पौधरोपण, प्लास्टिक का कम इस्तेमाल और जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का लिया संकल्प)
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नौहट्टा/रोहतास।
प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में पृथ्वी दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान विद्यार्थियों को पेड़-पौधों के महत्व, जल संरक्षण, स्वच्छ पर्यावरण तथा प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर 11 सूत्री संकल्प भी लिया।
पृथ्वी दिवस के अवसर पर कस्तूरबा गांधी विद्यालय नौहट्टा, आवासीय विद्यालय रेहल, आवासीय विद्यालय बुधुआ तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय तारडीह में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यालयों में बच्चों एवं शिक्षकों ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया।
हर व्यक्ति वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाए
कार्यक्रम में बच्चों ने संकल्प लिया कि प्रत्येक व्यक्ति को वर्ष में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा करना भी प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। बच्चों ने कहा कि अधिक से अधिक पौधे लगाए जाने से पर्यावरण संतुलित रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण मिल सकेगा।
प्लास्टिक का प्रयोग कम करने का लिया संकल्प
बच्चों ने अनावश्यक प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करने का भी संकल्प लिया। विद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरा नहीं फैलाने तथा लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की बात कही गई। कार्यक्रम में बताया गया कि प्लास्टिक का अत्यधिक इस्तेमाल पर्यावरण के साथ-साथ जल स्रोतों और जीव-जंतुओं के लिए भी नुकसानदायक है।
जल संचय के लिए लोगों को करेंगे प्रेरित
पृथ्वी दिवस कार्यक्रम में जल संरक्षण को भी विशेष महत्व दिया गया। बच्चों ने अपने घरों और विद्यालयों के आसपास वर्षा जल के संचय के लिए लोगों को प्रेरित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जल की बर्बादी रोकने और भविष्य के लिए पानी बचाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
पेड़-पौधे वातावरण को रखते हैं शुद्ध : रेंजर
रोहतास वन क्षेत्र के रेंजर दीपक कुमार सिंह ने कहा कि पेड़-पौधे वातावरण को शुद्ध रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके कारण वातावरण में ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति होती है और पर्यावरण का संतुलन बना रहता है। उन्होंने कहा कि लोगों को पेड़-पौधों की सुरक्षा और संरक्षण के प्रति जागरूक करने का कार्य वन विभाग के कर्मियों द्वारा लगातार किया जा रहा है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं पौधे लगाएं और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी पौधरोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा केवल किसी एक व्यक्ति या विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर उत्साह देखने को मिला। विद्यालय के शिक्षकों और वन विभाग के कर्मियों ने विद्यार्थियों को प्रकृति की रक्षा करने तथा अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
मौके पर वार्डेन रोशन कुमारी, वनपाल आदित्य प्रियदर्शी, वनरक्षी दुर्गेश कुमार, राहुल कुमार, गौरव कुमार, मनमोहन प्रकाश, रंजीत कुमार सहित विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

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