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संवदाता- मुकेश कुमार मिश्रा/नौहट्टा/रोहतास:
कैमुर पर्वतमाला की गोद में बसा नौहट्टा प्रखंड का प्राचीन धार्मिक स्थल सिद्धनाथ बाबा गुफा आज भी अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान के बावजूद विकास की बाट जोह रहा है। डबुआ मोड़ के पास बेरकी गांव के सामने कैमूर पहाड़ी के बीचों-बीच लगभग 3 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित यह प्राचीन गुफा पौराणिक मान्यताओं के अनुसार हजारों वर्ष पुराना धार्मिक स्थल माना जाता है। जिसकी देख-रेख और रख रखाव का जिम्मा राधेश्याम सिंह को दिया गया है और वो लगभग 10 वर्ष से सिद्धनाथ बाबा की सेवा कर रहे हैं l
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर तहलका आवाज की टीम जब इस दुर्गम धार्मिक स्थल पर पहुंची तो वहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त पूजा-अर्चना और भगवान शिव की आराधना करते हुए दिखाई दिए। श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ सिद्धनाथ बाबा का जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह गुफा वर्षों से आस्था का प्रमुख केंद्र रही है, लेकिन आज तक इसे वह पहचान और सुविधाएं नहीं मिल सकीं जिसकी यह हकदार है। उनका आरोप है कि अधिकांश प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विधायक और मंत्री केवल उन्हीं धार्मिक स्थलों का निरीक्षण करते हैं जिनकी जानकारी उन्हें पहले से होती है या जिनका कार्यक्रम तय होता है। कैमूर की पहाड़ियों में स्थित इस प्राचीन सिद्धनाथ बाबा गुफा की ओर अब तक अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया है।
ग्रामीणों ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विधायक एवं मंत्रियों से मांग की कि इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। यहां तक पहुंचने के लिए सड़क का निर्माण कराया जाए, बिजली एवं पेयजल की व्यवस्था की जाए तथा श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए धर्मशाला, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उनका कहना है कि यदि सरकार इस स्थल का विकास कराती है तो यह न केवल धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा बल्कि क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सिद्धनाथ बाबा गुफा परिसर में पूरे दिन श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। प्राकृतिक सौंदर्य से घिरी कैमूर की पहाड़ियों के बीच स्थित यह गुफा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ प्रकृति का अनुपम दृश्य भी प्रदान करती है।
इस अवसर पर ग्रामीण शिव प्रकाश दुबे, बसंत कुमार दुबे, विगण शर्मा, सुनील प्रजापति, विक्रम चंद्रवंशी, रवि कुमार, चांदनी कुमारी, सरोज देवी, उषा देवी, माधुरी देवी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

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