(संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सासाराम पोस्ट ऑफिस चौक पर प्रदर्शन, केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ लगे नारे)
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चीफ एडिटर- रवि प्रकाश दुबे/सासाराम/ रोहतास:
संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर मंगलवार को रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम सहित विभिन्न स्थानों पर किसानों और खेत-मजदूर संगठनों ने विरोध-प्रदर्शन किया। सासाराम के पोस्ट ऑफिस चौराहा पर अखिल भारतीय खेत-मजदूर किसान सभा के बिहार प्रांतीय सचिव अशोक बैठा के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला दहन कर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन के दौरान किसानों, मजदूरों और छात्र-युवा संगठनों के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने "कॉर्पोरेट नीति नहीं चलेगी", "शिक्षा का व्यवसायीकरण बंद करो", "कृषि को कॉर्पोरेट के हवाले करना बंद करो", "किसानों का कर्ज माफ करो", "एमएसपी की कानूनी गारंटी लागू करो" जैसे नारे लगाए।
अशोक बैठा ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय खेत-मजदूर किसान सभा के बिहार प्रांतीय सचिव अशोक बैठा ने कहा कि देश की शासक पार्टियां लगातार किसान, मजदूर और आम जनता के हितों के खिलाफ नीतियां बना रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 1992 में नई आर्थिक नीति और विश्व व्यापार समझौते के बाद से देश की आर्थिक और कृषि नीतियों को बड़े कॉर्पोरेट घरानों के हित में तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नई कृषि नीति, नई शिक्षा नीति और नई आर्थिक नीति के माध्यम से लोकतांत्रिक अधिकारों को धीरे-धीरे कमजोर किया जा रहा है तथा देशी-विदेशी पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से किसान विरोधी नीतियां वापस लेने की मांग की।
प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के समक्ष कई मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से—
किसानों को सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाए।
किसानों के सभी कर्ज माफ किए जाएं।
बिजली बिल-2020 को समाप्त किया जाए।
किसानों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं।
शिक्षा के निजीकरण और व्यवसायीकरण पर रोक लगाई जाए।
कृषि क्षेत्र में कॉर्पोरेट हस्तक्षेप समाप्त किया जाए।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई बंद की जाए।
सैकड़ों कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में घटक संगठनों के अयोध्या राम, भगत सिंह, छात्र नौजवान सभा के स्टेट कमेटी सदस्य राहुल सम्राट, बिहार राज्य किसान सभा के सत्तार अंसारी, मदन किशोर सिंह, भीम सिंह, रामराज, किसान महासभा के जवाहर सिंह, जय विजय तिवारी, जय जवान जय किसान के नाथ यादव, शंभूनाथ पांडे, राजू गुप्ता, श्याम सुंदर पाल, सोनू दबंग, कन्हैया राम, मंगल पांडेय, सुनील पासवान, अरुण पासवान, राजेश महतो, वीरेंद्र साह, राम सकल पासवान, भोला सेठ, रामजी चौहान, मनोज राम, अजमल अंसारी, अनिल गुप्ता, हरिकांत महतो सहित सैकड़ों किसान, मजदूर और संगठन के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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