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नौहट्टा के विभिन्न विद्यालयों में अभिभावक–शिक्षक संगोष्ठी आयोजित, शिक्षा की गुणवत्ता व विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर हुआ मंथनl


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संवाददाता : मुकेश कुमार मिश्रा/नौहट्टा (रोहतास)

नौहट्टा प्रखंड के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में अभिभावक–शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य विद्यालय एवं अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बच्चों की शिक्षा, अनुशासन तथा सर्वांगीण विकास को नई दिशा देना था।

कन्या मध्य विद्यालय, पांडुका में आयोजित संगोष्ठी में शिक्षक आनंद कुमार चौबे, सुरेश कुमार मिश्रा एवं अंकिता देवी सहित सभी शिक्षक तथा बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। बैठक में बच्चों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन एवं अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी पर विस्तार से चर्चा की गई।

इसी क्रम में उत्क्रमित मध्य विद्यालय, पड़रिया में प्रधानाध्यापक सुमित कुमार मेहता की अध्यक्षता में अभिभावक–शिक्षक संगोष्ठी आयोजित हुई। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की नियमित पढ़ाई, समय पर विद्यालय भेजने तथा घर पर अध्ययन का अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की अपील की।

मध्य विद्यालय, परक्षा में भी संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें प्रधानाध्यापक नरेन्द्र मेहता एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। बैठक में विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन, अनुशासन एवं विद्यालय के विकास में अभिभावकों की भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया।

प्राथमिक विद्यालय, बिगहा टोला (पांडुका) में प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार सिंह की उपस्थिति में अभिभावक–शिक्षक बैठक आयोजित हुई। इस दौरान बच्चों की नियमित उपस्थिति, स्वच्छता, पढ़ाई में रुचि तथा अभिभावकों के सहयोग पर विशेष बल दिया गया।

राजकीय मध्य विद्यालय, पिपरा डीह में भी अभिभावकों एवं शिक्षकों के साथ संगोष्ठी आयोजित कर बच्चों की शिक्षा एवं विद्यालय के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

वहीं राजकीय मध्य विद्यालय, पिपराही में प्रधानाध्यापक प्रबीर कुमार ने अभिभावकों के साथ संवाद करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासन, बच्चों की समस्याओं एवं उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यालय और अभिभावकों के बीच नियमित संवाद एवं सहयोग अत्यंत आवश्यक है।

संगोष्ठी के दौरान अभिभावकों की भूमिका, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थियों के अनुशासन, सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा की निरंतरता, विद्यालय के विकास में जनसहभागिता तथा बच्चों के समग्र व्यक्तित्व विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। अभिभावकों ने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय सहयोग देने तथा बच्चों की नियमित पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने का संकल्प लिया।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार की संगोष्ठियां विद्यालय एवं अभिभावकों के बीच विश्वास और सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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