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विशेष संवदाता- हरदोई (उत्तर प्रदेश):
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पारिवारिक रिश्तों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के धांधामऊ गांव में शादी के महज सात महीने बाद एक युवक ने अपनी पत्नी पर खाने में जहर देकर हत्या की कोशिश करने का आरोप लगाया है। पीड़ित का यह भी दावा है कि उसकी पत्नी के शादी से पहले से ही उसके दो जीजाओं के साथ अवैध संबंध थे और इसी वजह से उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।
पीड़ित संगम कुमार के अनुसार उसकी शादी 24 नवंबर 2025 को कानपुर निवासी युवती से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद उसे पत्नी और उसके दो जीजाओं मनोज कुमार तथा उमाशंकर के बीच कथित अवैध संबंधों की जानकारी मिली। उसने कई बार पत्नी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। आरोप है कि इसी बात को लेकर घर में लगातार विवाद होने लगा।
संगम का आरोप है कि 7 जुलाई की सुबह करीब 11 बजे उसकी पत्नी ने भोजन में कथित रूप से जहर मिलाकर उसे खिला दिया। खाना खाने के कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसी दौरान दोनों आरोपी जीजा भी मौके पर पहुंचे। पीड़ित का आरोप है कि दोनों ने उसके साथ मारपीट की और बाद में उसकी पत्नी को अपने साथ लेकर फरार हो गए।
घटना के बाद परिजनों ने गंभीर हालत में संगम कुमार को हरदोई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज किया गया। पीड़ित के अनुसार करीब एक दिन तक अस्पताल में उपचार के बाद उसकी जान बच सकी। फिलहाल वह अभी भी दवाइयों पर है।
पीड़ित का कहना है कि उसने सबसे पहले स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा से न्याय की गुहार लगाई। एसपी के निर्देश पर घटना के लगभग 21 दिन बाद पत्नी और दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का पक्ष:
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामला दर्ज कर लिया गया है और सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। फिलहाल आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
यह खबर पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों और पुलिस में दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय पुलिस जांच और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगा।

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