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नई दिल्ली- CJP प्रदर्शन पर कार्रवाई तेज: दंगा भड़काने, आर्म्स एक्ट समेत 5 FIR दर्ज, 250 वीडियो से आरोपियों की पहचान में जुटी दिल्ली पुलिसl


खबर:Tahalka Aawaz आपकी आवाजl 

विशेष संवादाता- नई दिल्ली:

नीट पेपर लीक के विरोध में सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने अब तक पांच अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए 250 से अधिक वीडियो, सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन रिकॉर्डिंग और पुलिस के बॉडी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ जरूरत पड़ने पर और भी मामले दर्ज किए जा सकते हैं।

जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान बिगड़े हालात

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कथित नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित किया था। प्रदर्शन के बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने संसद की ओर मार्च शुरू किया। पुलिस के अनुसार, बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।

दंगा, तोड़फोड़ और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में केस

दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग और कनॉट प्लेस थानों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। इनमें दंगा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, सरकारी कर्मचारियों के कार्य में बाधा डालना, पुलिसकर्मियों पर हमला करना, हिंसा और तोड़फोड़ जैसे आरोप शामिल हैं। कुछ मामलों में आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल स्थित रीगल सिनेमा के पास प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने पुलिस टीम पर पथराव किया और पुलिस वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच जारी है।

250 से ज्यादा वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों की हो रही जांच

जांच एजेंसियों ने हिंसा से जुड़े 250 से अधिक वीडियो जुटाए हैं। इनमें प्रदर्शनकारियों द्वारा मोबाइल फोन से बनाई गई रिकॉर्डिंग, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, ड्रोन कैमरे की रिकॉर्डिंग और पुलिसकर्मियों के बॉडी कैमरों के वीडियो शामिल हैं।

पुलिस का कहना है कि इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि जिन लोगों की पहचान हो रही है, उनका पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड रहा है या नहीं।

हिंसा पहले से सुनियोजित थी या नहीं, जांच जारी

दिल्ली पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या कुछ लोग पहले से हिंसा की योजना बनाकर प्रदर्शन में पहुंचे थे। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कहीं व्हाट्सएप या टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को संगठित कर हिंसक गतिविधियों के लिए तो नहीं बुलाया गया था।

सोमवार को दिल्ली पुलिस ने एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें कुछ युवक पुलिस बैरिकेड के पास और पीछे से पथराव करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इसी तरह के अन्य वीडियो के जरिए भी आरोपियों की पहचान कर रही है।

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने लगाए गंभीर आरोप

दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों और प्रदर्शनकारियों के साथ अत्यधिक बल प्रयोग किया।

अभिजीत दीपके ने दावा किया कि पुलिस ने महिलाओं और नाबालिगों के साथ भी बेरहमी से मारपीट की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुरुष पुलिसकर्मियों ने छात्राओं के साथ भी हिंसक व्यवहार किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में विस्तृत प्रतिक्रिया जारी नहीं की है।

जांच जारी, और बढ़ सकती है कार्रवाई

दिल्ली पुलिस का कहना है कि हिंसा से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जिन लोगों की पहचान होगी, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो अतिरिक्त एफआईआर भी दर्ज की जा सकती हैं।

फिलहाल राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और मामले की जांच कई स्तरों पर जारी है।

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