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चीफ एडिटर- रवि प्रकाश दुबे/सासाराम/रोहतास:
बिहार में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने रविवार (19 जुलाई 2026) को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। पूरे राज्य में एक साथ 551 'सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय)' का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना से डिजिटल माध्यम के जरिए इन विद्यालयों का राज्यव्यापी उद्घाटन किया।
इसी क्रम में रोहतास जिले के सभी 19 प्रखंडों में एक-एक 'सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय)' का उद्घाटन किया गया। जिला मुख्यालय सासाराम में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्र ने भाग लिया और विद्यालयों के शुभारंभ को जिले की शिक्षा व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक पहल बताया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक एवं तकनीक आधारित शिक्षा पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि 'सरस्वती विद्या निकेतन' राज्य सरकार की इसी सोच का साकार रूप है, जहां विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक संसाधन और नवीन शिक्षण पद्धति का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव होती है और इन आदर्श विद्यालयों के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को भी निजी विद्यालयों जैसी उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन मॉडल विद्यालयों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल शिक्षण सामग्री, समृद्ध पुस्तकालय, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, स्वच्छ पेयजल, बेहतर स्वच्छता व्यवस्था, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ेगी, तकनीकी ज्ञान का विस्तार होगा और उनकी रचनात्मक एवं नवाचार क्षमता को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
इस अवसर पर जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्र ने कहा कि बिहार सरकार सरकारी विद्यालयों को आधुनिक शिक्षा के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के बीच शिक्षा की गुणवत्ता का अंतर समाप्त करना तथा सभी बच्चों को समान अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने शिक्षकों से नई तकनीक एवं नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षकों की भूमिका केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला रखने की भी है।
जिलाधिकारी ने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और उनकी पढ़ाई में सक्रिय सहयोग करें। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन, शिक्षा विभाग, शिक्षक एवं अभिभावकों के संयुक्त प्रयास से इन आदर्श विद्यालयों को उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों के रूप में विकसित किया जाएगा।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, नगर आयुक्त (नगर निगम सासाराम), सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
सरकार की इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि आधुनिक संसाधनों से लैस 'सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय)' बिहार के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाई देंगे और विद्यार्थियों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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