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विशेष संवादाता- पटना/बिहार
बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब इस मामले में कवि और वक्ता कुमार विश्वास की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने बिहार पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी आरोपी से खतरा भी था, तो क्या उसका जवाब केवल गोली मारना ही था?
कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि, "क्या भरत तिवारी कोई आतंकवादी कसाब से भी ज्यादा खतरनाक था, जो उस पर गोली चला दी गई? अगर किसी आरोपी से खतरा था भी, तो क्या उसका जवाब सिर्फ गोली मारना ही था?" उनके इस बयान के बाद मामले पर नई बहस शुरू हो गई है।
पहले दिन से विवादों में है एनकाउंटर
भरत तिवारी का एनकाउंटर शुरू से ही विवादों के घेरे में रहा है। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि यह फर्जी एनकाउंटर था और पुलिस ने सुनियोजित तरीके से उसकी हत्या की। परिवार लगातार निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।
सरकार ने दिए न्यायिक जांच के आदेश
बढ़ते विवाद और विपक्ष सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों की मांग के बाद बिहार सरकार ने मामले की न्यायिक जांच कराने का आदेश दे दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पुलिस की कार्रवाई नियमानुसार थी या परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों में सच्चाई है।
सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस
कुमार विश्वास के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। एक पक्ष पुलिस की कार्रवाई का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष न्यायिक जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की बात कह रहा है।
अब सभी की नजर न्यायिक जांच पर टिकी है। जांच रिपोर्ट से यह तय होगा कि भरत तिवारी एनकाउंटर पुलिस की वैध कार्रवाई थी या फिर परिजनों द्वारा लगाए गए फर्जी एनकाउंटर के आरोप सही साबित होते हैं।

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