(चननी पहाड़ी के समीप महीनों से बंद पड़ी नल-जल योजना, ग्रामीणों को दूर-दराज से ढोना पड़ रहा पानी; मुखिया ने दी डीएम से शिकायत की चेतावनी)
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संवाददाता : मुकेश कुमार मिश्रा
नौहट्टा (रोहतास)।
रोहतास जिले के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत तीयरा खुर्द पंचायत के वार्ड संख्या-04 में चननी पहाड़ी एवं पंचायत भवन गिरिड के समीप मुख्यमंत्री नल-जल योजना का निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद आज तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। विभागीय उदासीनता के कारण करीब 35 दलित एवं महादलित परिवार भीषण पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पीएचईडी विभाग की लापरवाही के कारण करोड़ों रुपये की महत्वाकांक्षी योजना लोगों के लिए अब तक बेकार साबित हो रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि बस्ती में न तो कोई सरकारी चापाकल उपलब्ध है और न ही नल-जल योजना से पानी मिल रहा है। ऐसे में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। गर्मी और उमस के बीच यह समस्या लोगों के लिए रोज़ाना की बड़ी परेशानी बन गई है।
मुखिया ने कई बार दिया आवेदन, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
तीयरा खुर्द पंचायत के मुखिया अरुण कुमार चौबे ने बताया कि नल-जल योजना को चालू कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को कई बार मौखिक एवं लिखित रूप से सूचना दी गई है। इसके बावजूद पीएचईडी विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो जिलाधिकारी को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले से अवगत कराया जाएगा।
ग्रामीण बोले— योजना बनी, लेकिन पानी नहीं मिला
ग्रामीण सतेंद्र कुमार रवि ने बताया कि बस्ती के बीच नल-जल योजना का निर्माण काफी पहले पूरा हो चुका है, लेकिन आज तक एक बूंद पानी भी नहीं मिला। लोगों की उम्मीदें टूट चुकी हैं और रोजाना पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
वहीं अजय राम ने कहा कि "जल ही जीवन है, लेकिन हमारी बस्ती में आज तक न तो चापाकल की व्यवस्था हुई और न ही नल-जल योजना चालू हुई। संबंधित विभाग से मांग है कि जल्द पानी की सप्लाई शुरू कराई जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।"
ग्रामीण राजेश सिंह ने कहा कि इस योजना की ओर किसी भी अधिकारी का ध्यान नहीं है। यदि समय रहते इसे चालू नहीं किया गया तो लोगों का सरकार की योजनाओं से विश्वास उठ जाएगा।
'नल-जल नहीं तो कम से कम चापाकल लगाइए'
ग्रामीण प्रवेश राम ने कहा कि यदि सरकार फिलहाल नल-जल योजना चालू नहीं करा पा रही है तो कम से कम दो-चार चापाकल ही लगवा दे, ताकि लोगों को पीने का पानी मिल सके। इससे महिलाओं और बच्चों को दूर से पानी ढोने की मजबूरी से राहत मिलेगी।
जांच कर जल्द समाधान की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं पीएचईडी विभाग से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तत्काल नल-जल योजना को चालू कराया जाए। उनका कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ तभी मिलेगा जब लोगों के घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचे। फिलहाल 35 परिवार पानी जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं, जिससे उनमें विभाग के प्रति भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
नल-जल योजना को अविलंब चालू किया जाए।
पीएचईडी विभाग की लापरवाही की जांच हो।
स्थायी समाधान होने तक अस्थायी रूप से चापाकल लगाए जाएं।
पेयजल संकट से जूझ रहे 35 परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाए।


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